kahan chale jaate ho rulaakar
चैनल मैं अक्सर बदल दिया करता हूँ ,खबरें तुम्हारी शहादत की सुनकर !
चैनल मैं अक्सर बदल दिया करता हूँ , खबरें तुम्हारी शहादत की सुनकर ,इतना दिल मज़बूत नहीं मेरा , के तुम्हें तिरंगे से देखूं मैं लिपटे ,
उस रोती बिलखती सी माँ को, उस गुमसुम सी बेजान तुम्हारी बेवा को ,
उन छोटे से मासूम बच्चों को ,जिनकी बातें सुनकर बस फफक पड़ता हूँ मैं भी ,
न जाने कहाँ से लाते हैं वो ऐसा कलेजा , जाने कहाँ से ऐसी हिम्मत जुटाते हैं ,
देश पर न्योछावर हुए हो तुम ,शहीद हो यह बात जानता हूँ , पर उस माँ का दिल कैसे मानता होगा ,
संगिनी का ह्रदय जाने कैसे तड़पता होगा , कैसे वो बेटी तुम्हारी जियेगी और कैसे पिता की ज़िन्दगी अब कटेगी !
हाँ सलाम मैं करता हूँ इस शहादत को , पर तेरा दुःख मेरा हो ऐसा प्रण भी मैं लूंगा ,
जिस देश की खातिर तुम सब छोड़ गए हो , वो देश भी तुम्हारे लिए अब जियेगा ,
दुश्मन वो बैठा जो उस पार वो समझ ले , ज़्यादा समय को अब वो न बचेगा ,
छल कपट और दुष्टता के दिन होते हैं चार , पाप का घड़ा कभी तो भरेगा
यह देश अब न जातों में बटेगा न धर्म में बटेगा , बस प्यार और भाईचारा निरंतर बढ़ेगा ,
तेरे सपनो को पूरा करना मेरा , यानी हर देशवासी का अब फ़र्ज़ है ,
जिसे हम कभी चुका नहीं सकते , ऐ बंधू मेरे ,तेरा वो हमपर क़र्ज़ है !!!!!

