Monday, September 19, 2016

kahan chale jaate ho rulaakar

     

 

चैनल मैं अक्सर  बदल दिया करता  हूँ ,खबरें तुम्हारी शहादत की सुनकर  !

      चैनल मैं अक्सर बदल दिया करता हूँ , खबरें तुम्हारी शहादत की सुनकर ,
      इतना दिल मज़बूत नहीं मेरा , के तुम्हें तिरंगे से देखूं मैं लिपटे ,
     उस  रोती  बिलखती सी माँ को, उस गुमसुम सी बेजान तुम्हारी बेवा  को ,
     उन छोटे से मासूम बच्चों को ,जिनकी बातें सुनकर बस फफक पड़ता हूँ मैं भी ,
     न जाने कहाँ से लाते हैं वो ऐसा कलेजा , जाने कहाँ से ऐसी हिम्मत जुटाते हैं ,
     देश पर न्योछावर हुए  हो तुम ,शहीद हो यह बात जानता हूँ  , पर उस माँ का दिल कैसे मानता होगा ,
     संगिनी  का ह्रदय जाने कैसे  तड़पता होगा , कैसे वो बेटी तुम्हारी जियेगी और कैसे पिता की                        ज़िन्दगी अब कटेगी !

      हाँ सलाम मैं करता हूँ इस शहादत को , पर तेरा दुःख मेरा हो ऐसा प्रण भी मैं लूंगा ,
      जिस देश  की खातिर तुम  सब छोड़ गए हो , वो देश भी तुम्हारे लिए अब जियेगा ,
      दुश्मन वो बैठा जो उस पार वो  समझ ले , ज़्यादा समय  को अब वो न बचेगा ,
      छल कपट और दुष्टता के दिन होते हैं चार , पाप का घड़ा कभी तो भरेगा
     यह देश अब  न जातों में बटेगा न धर्म में बटेगा , बस प्यार और भाईचारा निरंतर बढ़ेगा ,
      तेरे सपनो को पूरा करना मेरा , यानी हर देशवासी का अब फ़र्ज़ है ,
       जिसे हम कभी चुका नहीं सकते , ऐ बंधू मेरे ,तेरा वो हमपर क़र्ज़ है !!!!!


     
     
     

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